bhawna
Wednesday, August 19, 2015
इक तेरे सिवा हर शक्स ने समझा मेरा दर्द
और इक तूने मेरे लिखे को पढ़ा भी नही................भावना
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
zindgi mei ab or koi chahat nahi ...... ae bewafa mujhe teri ab chahat nahi
(no title)
तरस गए हम तुमसे दो पल की गुफ्त-गु के लिए और लोग कहते हैं की तुम बोलते बहुत हो।. . . . . भावना
अधूरे है
अधूरे है हम तेरे बिना ये बात अब खुदसे भी छिपायँगे तरसोगे हमसे मिलने के लिए हम तुझसे दूर अब इतने चले जायेंगे
(no title)
तू चाहिए बस तेरा साथ चाहिए मुझे ज़िंदगी में न कुछ इसके बाद चाहिए। ........ #B#
No comments:
Post a Comment